भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक युद्दपोत को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कमीशन करेंगे

आपको जानकर ये हैरानी होगी कि IAC Vikrant दुनिया के दस सबसे ताकतवर विमानवाहक युद्धपोतों में शामिल है

आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) से 32 बराक-8 मिसाइलें दागी जा सकती हैं 

बराक मिसाइलें 500 मीटर से 100 KM तक हमला या बचाव के लिए दाग सकते हैं

विक्रांत पर चार AK 630 CIWS प्वाइंट डिफेंस सिस्टम गन लगी है

यह एक घूमने वाली तोप होती है, जो टारगेट की दिशा में घूमकर फायरिंग करती रहती है.

Vikrant पर तैनात फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स

जैसे - MiG-29K फाइटर जेट्स, अमेरिकी MH-60R मल्टीरोल नेवल हेलिकॉप्टर, भारतीय ALH Dhruv

16 बेड का अस्पताल जिसमें कई तरह के एक्सरे और सीटी स्कैन की सुविधा भी मौजूद है

किचेन में लगे हैं ऐसी आटोमैटिक मशीनें जो तेजी से खाना बनाती हैं. 

इस युद्धपोत पर किसी भी समय 1500 से 1700 नौसैनिक तैनात रहेंगे.

 इसमें तीन गैली है, जो मिलकर दिनभर में 5000 मील्स बना सकते हैं

विक्रांत की डिजाइन और निर्माण दोनों देश में ही किया गया है

1971 के युद्धपोत से लिया गया नाम, बनाने में पूरा देश शामिल