भारत की प्रमुख झीलें | Top 10 major lakes in India

पर्यावरण प्रेमी, सैलानियों पर्यटकों का पसंदीदा स्थान प्रकृति से आच्छादित स्थान होता । पहाड़ी, पर्वतीय स्थान आदि । ऐसे ही  स्थानों में झीलें भी शामिल है । इन झीलों में साल भर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है । इनके दृश्य मन को सुकुन देते हैं । आज के इस आलेख में हम भारत की प्रमुख झीलें विषय पर चर्चा करेंगे ।

Table of Contents

भारत की प्रमुख झीलें , झील किसे कहते हैं ?

भारत की प्रमुख झीलें विषय पर चर्चा  करने से पहले हम यह जान लेते हैं झील किसे कहते हैं? झील पृथ्वी की धरातलीय जल के प्रमुख घटकों में से एक होता है, जो भूमि से गिरे बेसिन में स्थानीयकृत होता है । 

पृथ्वी के धरातल पर बने गड्ढों में स्थित जल को झील कहा जाता है । छोटे आकार वाले धरातलीय जलीय गर्त को तालाब कहा देते हैं जबकि बड़े आकार वाले धरातलीय जलीय गर्त को झील कहते हैं ।

झील के प्रकार 

विभिन्न कारकों का आधार पर झीलों को कई प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है । निर्माण के आधार झील दो प्रकार का होता है एक प्राकृतिक दूसरा कृत्रिम । जल प्रवाह के आधार पर स्थाई और अस्थाई । स्वाद के आधार मीठा और खारा । पृथ्वी की गति के आधार पर टेक्टोनिक झीलें  और दरार घाटी झीलें । इसी प्रकार और कई वर्गों में झीलों को बांटा गया है ।

10 सबसे बड़ी भारत की प्रमुख झीलें

 भारत की प्रमुख झीलें के अंतर्गत 10 सबसे बड़ी झीलें को देखते है, जो अपने विस्‍तार क्षेत्र में लंबी है-

1. वेम्बनाड झील

वेम्बनाड झील

यह केरल राज्य में स्थित है । इसका विस्तार क्षेत्र 2033 वर्ग किलोमीटर है । यह भारत की सबसे लंबी झील है । इस झील की लंबाई 16 किलोमीटर और चौड़ाई 14 किलोमीटर है। इस झील की गहराई 12 किमी है । वेम्बानद झील एक आकर्षक पिकनिक स्थल है । यह झील बैकवाटर पर्यटन के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां बोटिंग, फिशिंग और साइटसीइंग का आनंद लिया जा सकता है।

2. चिल्का झील 

चिल्का झील

भारत की प्रमुख झीलें – चिल्का झील उड़ीसा राज्य में स्थित है इसका विस्तार 11100 वर्ग किलोमीटर है एशिया का सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून झील है । इस झील की लंबाई 70 किलोमीटर और चौड़ाई 30 किलोमीटर है। इस झील की गहराई 3 किमी है । यह भारत की सबसे बड़ी तटीय लैगून झील और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्धखारी लैगून झील है। यह एक विशाल मछली पकड़ने की जगह है। यह झील 132 गाँवों में रह रहे 150,000 मछुआरों को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है। 

चिल्‍का झील जलीय वनस्पति और जलीय जंतुओं के लिए एक विशिष्‍ट स्‍थान है, यही कारण है कि यहां पक्षी अभयारण्य भी है । चिल्‍का झील से सूर्योदय एवं सूर्यास्त को देखना एक विशेष अनुभव देता है । चिल्‍का झील में लगभग 14 पर्यटन पाइंट है जिसमें डॉल्फिन पॉइंट, मंगला जोड़ी पाइंट, फ्लोरा और फौना पॉइंट प्रमुख है ।

डॉल्फिन पाइंट पुरी से महज 50 किमी की दूरी पर स्थिति है, इसलिए पुरी के अधिकांश दर्शनार्थी यहां तक जरूर पहुॅचते हैं । इस पॉइंट  में पर्यटक डॉल्फिन जैसे इरावाडी डॉल्फिन, कॉमन डॉल्फिन, बॉटलनोज डॉल्फिन और व्हाइट नोज्ड डॉल्फिन को देख सकते हैं।

3. शिवाजी सागर झील 

शिवाजी सागर झील

यह एक कृत्रिम जलाशय है जो महाराष्ट्रीय में स्थित है । कोयना नदी में बांध बनाकर इसे विकसित किया गया है ।  इसका विस्तार 891.7 वर्ग किलोमीटर है। इसकी लंबाई 50 किमी और गहराई 80 मीटर है । इसके पश्चिम में प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान स्थित है । इसके पास शिव डोल, देवी डोल, विष्णु डोल तीन प्रसिद्ध मंदिर है।  यहां शीत ऋतु में साइबेरियन बत्तखें प्रवास करती हैं। इस प्रकार यह पर्यटको के लिए काफी लोकप्रिय स्‍थल है ।

4. पैंगोंग झील 

पैंगोंग झील 

यह लद्दाख और पश्चिम तिब्बत पर स्थित है इसका विस्तार 700 वर्ग किलोमीटर है । यह सबसे ऊंची झील की सूची में भारत में दूसरे नंबर की झील है । यह दुनिया की सबसे ऊंची खारे पानी की झील है। इसका पानी,  नीले रंग में रंगा हुआ दिखाई देता है। इसके चारों ओर शुष्क पहाड़ हैं। यह चीन और भारत की सीमा पर है इस झील का 40% हिस्सा भारत में और शेष चीन पर स्थित है । इसकी ऊंचाई 4500 मीटर एवं लंबाई 134 किमी है ।

पैंगोंग झील को रंग बदलने के लिए भी जाना जाता है, जो अलग-अलग समय पर नीला, हरा और लाल दिखाई देता है। जो खारे पानी से भरी हुई है। यह समुद्र तल से 4350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।  यह दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई वाली झीलों में से एक है । यह सर्दियों के दौरान पूरी तरह से जम जाता है। जनवरी में यहां का न्यूनतम ताप  -25 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान -1 डिग्री सेल्सियस होता हैं। 

जुलाई का महीना यहां घूमने के लिए सबसे अच्‍छा होता है । इस समय यहां का न्यूनतम ताप 0 सेल्सियस और अधिकतम तान 13 सेल्सियस होता है । यह चीन  सीमा पर स्थित है, जहां सीमा विवाद है इसलिए पर्यटकों को स्पांग्मिक गांव तक झील की यात्रा करने की अनुमति है।

5. इंदिरा सागर झील 

इंदिरा सागर झील

भारत की प्रमुख झीलें – यह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है । यह एक कृत्रिम झील है। नर्मदा नदी पर बने बांध में इसे विकसित किया गया है ।  इसका विस्तार 627 वर्ग किलोमीटर है । पानी के आयतन की दृष्टि से यह सबसे बड़ी झील है । इंदिरा सागर बांध का जलाशय भारत के सबसे बड़े जलाशयों में से एक है, जिसकी क्षमता 12.22 बिलियन घन मीटर है।

मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने यहां पर्यटकों के लिए हनुमंतिया नामक स्‍थान को विकसित किया है जहां  आवास, रेस्तरां और नौका विहार, क्रूज की सवारी आदि की सुविधा विकसित किया जा रहा है । हनुमंतिया द्वीप मध्य प्रदेश पर्यटन में एक उभरता जल पर्यटन स्थल है। 

इंदिरा सागर बांध मध्य भारत में मध्य प्रदेश में एक बहुउद्देशीय बांध परियोजना है।यहां एशिया की प्रतिष्ठित जल परियोजना है ।

6. पुलकिट झील 

पुलकिट झील 

पुलीकट झील आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के मध्‍य स्थित है । इसका 84 प्रतिशत भाग आंध्रप्रदेश में 16 प्रतिशत भाग तमिलनाडु में स्थित है । इसका विस्तार 450 वर्ग किलोमीटर है  ।  इसकी लंबाई 60 किलोमीटर और चौड़ाई 5 से 15 किलोमीटर है । इसकी गहराई 18 किमी है । यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा खारे पानी का लैंगून है । यह समुद्र से बालू की भित्ति द्वारा अलग होने से बनी है । 

सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र इसी झील के निकट श्रीहरिकोटा द्वीप पर स्थित है । श्रीहरिकोटा द्वीप पुलीकट झील को बंगाल की खाड़ी से अलग करती है । सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र भारत के अंतरिक्ष योजनाओं का एक प्रमुख केन्‍द्र है, जहां से उपग्रह प्रेक्षपित किए जाते हैं ।

7. सरदार सरोवर झील 

सरदार सरोवर झील

भारत की प्रमुख झीलें – यह गुजरात राज्य में स्थित है । इसका विस्तार 375 वर्ग किलोमीटर है यह एक कृत्रिम झील है,जिसे नर्मदा नदी के ऊपर सरदार सरोवर बांध से बनाया गया है। सरदार सरोवर बांध भारत का दूसरा सबसे बड़ा बांध है।

इस झील में नौका विहार की सुविधा है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है । इस बाँध के 6 दर्शनीय केंद्र हैं ।  इसमें एक उद्यान, जो दर्शनीय है । एक पाइंट ऐसा है जहाँ  से बाँध से गिरते हुए पानी को किनारे से देखा जा सकता है, यहां गिरते हुए पानी को देखना और उठते हुए धुंध को देखना मनमोहक होता है । इस झील पर नौका विहार पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र है । मुख्य नहर का पहला फाटक, एक ट्रेकिंग का स्थान है, जहां विद्यार्थियों के लिए प्रकृति शिक्षण शिविर आयोजित किया जाता है । 

इस स्थान के पास सुरपाणेश्वर शिव मंदिर है जो एक प्राचीन मंदिर बाँध के द्वारा डूब जाने पर सरकार द्वारा निर्माण किया गया है। बाँध के निछले हिस्से में एक केवडिया कॉलोनी है जहां  यात्रियों की  रहने की सुविधा है।

8. लोकटक झील 

लोकटक झील 

यह झील मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में स्थित है। इसका विस्तार 287 वर्ग किलोमीटर तक है । यह पूर्वोत्तर क्षेत्र का मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है । लोकटक झील एक ऐसी झील है जिसे फ्लोटिंग झील भी कहा जाता है क्योंकि ये विश्व की इकलौती ऐसी झील है जो तैरती हुई दिखाई देती है। 

इसके निकट एक विलुप्तप्राय प्रजाति संगइ हिरण पाए जाते है। यहां फूमदी का  40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल का एक घेरा है। इस घेरे को भारत सरकार ने ‘केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय पार्क’ का नाम  दिया है। शीतकाल का समय यहां घूमने के लिए सबसे उत्तम होता है 

9. नागार्जुन सागर झील 

नागार्जुन सागर झील 

यह तेलंगाना राज्य में स्थित है । इसका विस्तार 285 वर्ग किलोमीटर है यह कृष्णा नदी पर चिनाई वाला बांध पर बनाया गया है । नागार्जुन सागर झील दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है।  नागार्जुन सागर बाँध परियोजना भारत एक प्रमुख नदी घाटी परियोजना हैं, जिससे मुख्यतः गुंटूर के किसानों को लाभ मिलता है और नालगोंडा क्षेत्र को पीने का पानी इससे सप्लाई किया जाता है।

नागार्जुन बांध बनाते समय हुई खुदाई में नागार्जुनकोंडा में तीसरी सदी के बौद्ध धर्म के अवशेष और महाचैत्य स्तूप के अवशेष मिले थे।  यहां कभी विहार, बौद्ध मोनेस्ट्री और एक विश्वविद्यालय हुआ करता था।

10. वुलर झील

वुलर झील

यह जम्मू और कश्मीर राज्य पर स्थित है । इसका विस्तार 260 मीटर वर्ग किलोमीटर है यह भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है ।  यह झेलम नदी के मार्ग में आती है  । मौसम के अनुसार इस झील के आकार में परिवर्तन होता रहता है । इसका आकार 30 वर्ग किमी से 260 वर्ग किमी के बीच बदलता है। अपने बड़े आकार के कारण इस झील में बड़ी लहरें आती हैं। तुलबुल परियोजना इसी झील पर स्थित है ।

 इस झील का प्राचीन नाम महापद्म सर’ बताया जाता था। इस झील के शांत सतह पर देखते-ही-देखते ऊँची और खतरनाक लहरें उठने लगती हैं।  इन लहरों को संस्कृत में  ‘उल्लल’ कहा जाता है और यही नाम धीरे-धीरे विकृत होकर ‘वुलर’ पड़ गया ऐसा लगता है ।

इस झील में पक्षियों और मछलियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती है । प्रसिद्ध नाल सरोवर पक्षी अभयारण्य इसके पास में ही स्थित है। मछलियों की कॉमन कार्प, गुलाबी कंटिया, मास्‍कीटोफिश, द नेमाचेलीओस स्‍पीस्‍स, द क्रासचेलिओस लाटिउस जैसे कई महत्वपूर्ण प्रजातियां  पाई जाती है । पक्षियों में नीले रॉक कबूतर, ओरियल सुनहरा, अल्पाइन स्विफ्ट, स्पैरो हॉक और कम पंजे वाले ईगल जैसे कई प्रजातियां यहां पाई जाती है ।

इस झील के मध्य में एक प्राचीन द्वीप का अवशेष मिला है । यहां की यात्रा का सबसे अच्‍छा समय अप्रैल से जून के बीच होता है। इस बीच पर्यटकों की संख्या काफी अधिक होता है ।

राज्यवार भारत की प्रमुख झीलें

राज्यवार भारत की प्रमुख झीलें

राज्यवार भारत की प्रमुख झीलें की सूची इस प्रकार है-

1. जम्मू–कश्मीर की प्रमुख झीलें

जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य में भारत की प्रमुख झीलें स्थित है जिसमें वुलर, डल, गाडसर, अनंतनाग, बेरीनाग, शेषनाग, कौसरनाग, नागिन, पैंगोंग, सी–मोरीरी, गंगाबल और मानसबल आदि का नाम आता है ।

2. हिमाचल प्रदेश की प्रमुख झीलें

भारत की प्रमुख झीलें भृगु, मच्छियाल, रेणुका, सूरजताल, चन्द्रताल हिमाचल प्रदेश में स्थित है ।

3. उत्तराखण्ड की प्रमुख झीलें

भारत की प्रमुख झीलें नैनीताल, डोडीताल, भीमताल, सातताल, नौकुछियाताल, देवताल, खुरपाताल, राकसताल और मालाताल उत्तराखंड राज्‍य में स्थित है ।

4. चंडीगढ़ की प्रमुख झीलें

चंडीगढ़ केन्द्रशासित प्रदेश में सुखना झील स्थित है ।

5. राजस्थान की प्रमुख झीलें

भारत की प्रमुख झीलें राजसमंद, जयसमंद, नक्की, सांभर, फतेहसागर, लूणकरणसर, डीडवाना, पिछौला, आनासागर, कुचामन, ढेबर और पुष्कर राजस्‍थान राज्‍य में स्थित हैं ।

6. महाराष्ट्र की प्रमुख झीलें

लोनार और पोवई नामक झीलें महाराष्‍ट्र राज्य में स्थित हैं ।

7. कर्नाटक की प्रमुख झीलें

कर्नाटक में बेलान्दुर नामक झील पाया जाता है ।

8. केरल की प्रमुख झीलें

भारत की प्रमुख झीलें बेम्बानाड और अष्टमुदी केरल राज्‍य में पाये जाते हैा ।

9. सिक्किम की प्रमुख झीलें

सोंगमा नामक प्रसिद्ध झील सिक्किम राज्य में है ।

10. मणिपुर की प्रमुख झीलें

लोकटक नामक प्रसिद्ध झील मणिपुर में पाया जाता है ।

11. उड़ीसा की प्रमुख झीलें

विश्व प्रसिद्ध चिल्का झील उड़ीसा राज्य में स्थित है ।

12. तेलंगाना की प्रमुख झीलें

तेलंगाना में हुसैन सागर और नागार्जुन सागर नामक कृत्रिम झील है ।

13. आंध्र प्रदेश की प्रमुख झीलें

भारत की प्रमुख झीलें कोलेरू और पुलिकट आंध्र प्रदेश में स्थित है ।

14. तमिलनाडु की प्रमुख झीलें

भारत की प्रमुख झीलें कोडाइकनाल और कालीवेली तमिलनाडु राज्‍य में स्थित है ।

15. हरियाणा की प्रमुख झीलें

भारत का प्रसिद्ध सूरजकुंड झील हरियाणा राज्‍य में पाया जाता है ।

उपसंहार

भारत की प्रमुख झीलें प्रकृति का हमें अनोखा उपहार है । कृत्रिम झीलें मानव पुरुषार्थ के चिन्ह हैं । ये झीलें न केवल मनुष्यों के लिए अपितु अन्य जीव जंतुओं के लिए आश्रय स्थल हैं । इसलिए इन झीलों का देखभाल हम सबकी जिम्मेदारी है । एक पर्यटक के रूप में जब हम इन झीलों को देखने जाएं तो यह जरूर ध्‍यान रखें कि हमारे कारण इन झीलों को किसी प्रकार का नुकसान न हो ।

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